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Fri. Apr 4th, 2025

कौन हैं ‘पंचायत’ के दामाद जी? राजू श्रीवास्तव ने कैसे बदली इनकी किस्मत

aasif khan

कोई एक्टर कितना खुश होता है जब उसकी पहली फ़िल्म रिलीज़ होती है। मगर वही खुशी बेतहाशा दुख में तब्दील हो जाती है जब फ़िल्म रिलीज़ होने के बाद पता चलता है कि उसके सीन्स तो काट दिए गए हैं। वेब सीरीज़ पंचायत से देशव्यापि ख्याति प्राप्त करने वाले एक्टर आसिफ़ खान के साथ भी यही हुआ था। इन्होंने फ़िल्म परी में भी काम किया था जो साल 2018 में आई थी। परी फ़िल्म में अनुष्का शर्मा हीरोइन थी। आसिफ़ खान को जब परी फ़िल्म के लिए साइन किया गया तो वो बहुत खुश हुए। उन्होंने अपने सभी दोस्तों को फोन करके बताया कि वो अनुष्का शर्मा के साथ एक फ़िल्म में काम कर रहे हैं।

जिस दिन परी रिलीज़ हुई उस दिन आसिफ़ खान के सभी दोस्त अपने घर से 30 किलोमीटर दूर स्थित सिनेमाघर में परी फ़िल्म देखने गए। आसिफ़ खान बड़े उत्सुक थे ये जानने के लिए कि उन्हें अनुष्का शर्मा की फ़िल्म में देखने के बाद उनके दोस्तों का रिएक्शन क्या होगा। मगर किसी दोस्त का फ़ोन नहीं आया। आखिरकार आसिफ़ खान ने खुद ही एक दोस्त को फोन किया। शुरुआत में इधर-उधर की बात करने के बाद आसिफ़ खान ने उस दोस्त से पूछा कि फ़िल्म कैसी लगी? मेरा काम कैसा लगा? तो उस दोस्त ने इनसे कहा कि तू फ़िल्म में है ही कहां। बस एक छोटी सी झलक दिखाई देती है तेरी। उसके बाद तो तू पूरी फ़िल्म में कहीं नहीं दिखता।

दोस्त की वो बात सुनकर आसिफ़ खान को बड़ी हैरत हुई। और वो खुद परी फ़िल्म देखने पहुंचे। तब उन्हें पता चला कि उनके जो कुछ सीन्स थे वो तो एडिटिंग के वक्त काट दिए गए थे। पूरी फ़िल्म में वो मात्र ढाई सेकेंड के लिए ही दिखाई देते हैं। आसिफ़ खान को बहुत दुख हुआ। मगर उस दुख को भुलाकर वो आगे बढ़े। क्योंकि आसिफ़ खान ने परी फ़िल्म के दौरान जो अनुभव किया था वो तो लगभग हर वो एक्टर करता है जो बिना किसी गॉडफ़ादर या फ़िल्मी बैकग्राउंड के फ़िल्म इंडस्ट्री में काम करने आता है। वैसे भी आसिफ़ तो परी से पहले भी काफ़ी काम कर चुके थे। कुछ फ़िल्मों में वो काम कर चुके थे। और क्राइम पैट्रोल सरीखे कुछ टीवी शोज़ भी कर चुके थे। आज आसिफ़ खान एक जाना-पहचाना नाम हैं।

आसिफ़ खान आज 34 साल के हो गए हैं। 13 मार्च 1991 को राजस्थान के निम्बाहेड़ा में आसिफ़ खान का जन्म हुआ था। साल 2003 की मध्य भारत की अपनी रोड ट्रिप के दौरान मैं निम्बाहेड़ा से भी होकर गुज़रा था। तब मुझे दूर-दूरतक भी अंदाज़ा नहीं था कि जिस छोटे से कस्बे से होकर मैं गुज़र रहा हूं, वहां के एक लड़के के बारे में मैं किसी दिन लिख रहा होऊंगा। आसिफ़ भाई को जब पंचायत के पहले सीज़न में देखा था तो इनके कैरेक्टर गणेश पर बड़ा गुस्सा आया था। मगर जब भाई ने विधायक जी का घोड़ा खरीदकर फुलेरा वालों को लाकर दिया तो गणेश के किरदार से लगाव हो गया। अभी यूट्यूब पर मैं आसिफ़ खान का एक इंटरव्यू सुन रहा था। उस इंटरव्यू में आसिफ़ भाई ने बताया कि जब वो निम्बाहेड़ा में थे तो उन्होंने एक दफ़ा अपने यहां की रामलीला कमेटी के लोगों से बात की थी। क्योंकि ये चाहते थे कि रामलीला में काम करने का मौका इन्हें मिले।

मगर इनके यहां जो टोली रामलीला करने आती थी वो बनारस की थी। और वो अपनी सारी तैयारी, और सभी कलाकारों के साथ आती थी। यानि किसी और कलाकार को लेने की संभावना ही नहीं होती थी। आसिफ़ खान निराश होकर लौट आए। मगर इनकी ज़िंदगी में बड़ा बदलाव हुआ तब जब देश में पहला स्टैंडअप कॉमेडी शो लाफ़्टर चैलेंज प्रसारित होना शुरू हुआ। लाफ़्टर चैलेंज में आसिफ़ खान ने जब राजू श्रीवास्तव का एक्ट देखा तो इन्हें वो बहुत पसंद आया। इन्होंने राजू श्रीवास्तव से प्रभावित होकर एक एक्ट तैयार किया और उसे अपने शहर के एक प्रोग्राम में परफॉर्म किया। लोगों ने इन्हें पसंद किया। और ये राजस्थान के दूसरे शहरों में भी परफॉर्म करने जाने लगे। और ऐसे ही आसिफ़ खान के लिए अभिनय जगत का रास्ता बनता चला गया।

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